घड़ी - घड़ी निहारेनी घटिया
घड़ी – घड़ी निहारेनी घटिया
की कब होई , अरग के बेरिया
देरी नाहीं करी उगी सूरूज देव
बानी हम निर्जल बरतिया
की निर्जल बरतिया
हो छठी के बरतिया…
सात बरीस से करेनी बरत हम
खाड़ा होके पनिया में करेनी अरज हम
जईसे हरेनी दिल के दुखवा हरेम
छठी कोसिया भरेम हम
कोसीया भरेम हम..
बाड़ा रे खुशी के बा दिनवा
बानी हम निर्जल बरतिया…
हो छठी के बरतिया….
शीतल जलवा में ठिठुरेली तिवई
ज़िद्द छोड़ी सूरुज देव कृपा करी तनी
केलवा पर उगी हे निंबुआ पर उगी हे
विनती करेली तिवई कर जोड़ी…
विनती करेली तिवई कर जोड़ी…
छनी – छनी लागेला पिअसिया
बानी हम निर्जल बरतिया
हो छठी के बरतिया…
हो छठी के बरतिया…