BhojBhakti

तन मन से करतानी राउर हम बरतिया

बांधी पगड़ियां ऐ पिया

कंहवा से अइले रे सुगनवा

घड़ी - घड़ी निहारेनी घटिया

राधेश्याम राधेश्याम जपत रहs

जुग जुग जिये के आशीर्वाद देदा छठी मईया

डूबते सूरज के भी पूजा होला छठी मैया के

दरस दिखाई जल्दी हे दीनानाथ

आ जईहs कान्हा तू बसुरिया बजावते

हे वीर हनुमान जी

लंका में डंका

अंजनी के लाला

आज मंगलवार ह, हनुमान के जयकार है