
हे दीनानाथ
मुखड़ा:
भूखल पियासल तिवई, खाड़ा बाड़ी पनिया में
दरस देखाई जल्दी हे दीनानाथ
दूध पिये खातिर बबुआ, रोवे माई माई कहीके
घटवा पे बिलखे ललना, कुछु ना सोहात
दरस देखाई जल्दी हे दीनानाथ…
🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺
अंतरा:1
अरघ के बेर भईल,फेर काहे देर भईल
लागता की देहिया से, अइसे में परान गइल
बलकवा के रोवल सुन के, फाटsता करेजवा
हमरा तs कुछउ नईखे सोहात
दरस देखाई जल्दी हे दीनानाथ…
🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺
अंतरा:2
एक टक निहारे अंखियां, सबकर मानी बतिया
भुखल पियासल तिवई,रहल बाड़ी दिन रतिया
खाई तरस तनी,करीले गुहरिया जी
देखी तनी रउवा नइखे सहात
दरस देखाई जल्दी हे दीनानाथ…
🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺
अंतरा:3
आस ना टूटी कबो,भक्ति ना छूटी कबो
सरधा बिसवास से,केहू नाही रूठी कबो
अइसे में रऊवे अब तs,बानी सहईया
खाड़ा होके जोड़ल बाटे दुनु हाथ
दरस देखाई जल्दी हे दीनानाथ..
🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺
फणिन्द्र राव(गीतकार)
FANINDRA RAO (LYRICIST)