“श्री राम जी के किरपा भईल”


मुखड़ा:
मुक्तक:
सत्य सनातन धर्म के, साथे लेके निसानी हो
सिरी राम जी अयोध्या में, देखs पधाराल बानी

श्री राम जी के किरपा,दिन रात हो गईल
राम राज के अब तs,सुरुवात हो गईल
सारा लोगवन के सोचल, साच बात हो गईल
राम राज के अब तs,सुरुवात हो गईल….
मुक्तक:
सारा भक्तन पे चढ़ गइल,बाटे भगवा रंग हो
भक्ति में सभे झूम रहल बा, छाइल बाटे उमंग हो
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अंतरा:1
गूंज रहल नाम,प्रभु श्री राम के
होता जयकारा,अयोध्या धाम के
लह लह लहरे हो,राम पताका
मंगल गीत भी, सगरो सुनाता
चारो ओरिया खुसि के बरसात हो गईल
राम राज के अब तs,सुरुवात हो गईल…
मुक्तक:
धन्य भईल बाटे सभे,फुले नाही समाए हो
जगमग जगमग दीप जलल, आजे दिवाली बुझाए हो
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अंतरा:2
साधु सन्तन भी,करत प्रनाम हो
बड़ी उतसाह से, कहत सिरी राम हो
धरम के मतलब,राम जी बतईनी
सत्य के रहिया पे,चले के सिखइनी
भक्ति भाव सबके मनवा के साथ हो गईल
राम राज के अब तs,सुरुवात हो गईल
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फणिन्द्र राव(गीतकार)

Song – Sri Ram Ji ke kripa

bhail Singer – Brijesh Birju

Lyricist – Fanindra Rao

Music Director – Gaurav

Roshan Company – Radium Music